साक्षात्कार

March 27, 2020

स्व-प्रबंधन से व्यक्तित्व विकास

आप सभी जानते हैं कि पूर्ण मनोयोग से किया जाये तो फिर असंभव कुछ भी नहीं है। व्यक्तित्व विकास या आकर्षक व्यक्तित्व का निर्माण भी नहीं। आप अपने व्यक्तित्व को आकर्षक बना सकते हैं, प्रभावोत्पादक भी बना सकते हैं – बशर्ते आप में ऐसा करने का जुनून हो , प्रबल इच्छा-शक्ति हो । कमियाँ सभी में होती है और हर कमी को दूर भी किया जा सकता है। महात्मा गांधी तो यहाँ तक कहा करते थे- “ यदि मनुष्य सीखने की आकांक्षा करे तो उसकी हर त्रुटि उसे शिक्षा प्रदान कर सकती है ।”