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March 27, 2020
International GK
April 3, 2020

प्रतियोगिता परीक्षाओं में सफलता के मूल मंत्र

“सदैव क्रियाशील बने रहकर, जागरूक रहकर, भीड़ से आगे चलकर, ऊंचा लक्ष्य रखकर,ईमानदारी मेहनत एवं धैर्यपूर्वक काम करते रहकर, ऊंचाई की ओर बढ़कर, खोद-खोद कर पता लगाकर, कुछ बचत करके, अतीत को भूलकर, वर्तमान का उपयोग करके, भविष्य में विश्वास करके, परमात्मा का सम्मान करके, जीवन में उद्देश्य रखकर,घबराने का नाम न लेकर, विजय प्राप्ति का दृढ़ निश्चय करके और अंत तक संघर्ष करके सफलता प्राप्त की जा सकती है ।”

                                                                      – रसेल कॉनवेल (Russel Conwell)

रसेल कॉनवेल के इन शब्दों को यदि हम में से कोई भी जीवन में अमल में लाने की कोशिश करें, तो प्रतियोगिता परीक्षा तो क्या, किसी भी क्षेत्र में सफल होने से हमें कोई नहीं रोक सकता। हमारी सोच, हमारी दृढ़ता, हमारा प्रयास, हमारी रणनीति और हमारा परिश्रम तय करता है कि जीवन में हम क्या बनना चाहते हैं ? हमें जो मिलता है या जो नहीं मिलता है – उसके पीछे कोई और नहीं सिर्फ हम होते हैं हम । यद्यपि जीवन में सफलता पाने के लिए इन सबके अलावा एक सच्चे और एक अच्छे मार्गदर्शक की आवश्यकता है, जो सफलता की राह को काफी हद तक सहज तो बनाता है ही, साथ में हमें प्रेरित और प्रोत्साहित भी करता है। विश्वास कीजिये, सब कुछ आपको ही करना है, सफलता के मूलभूत कारण आप ही होंगे लेकिन कुछ प्रेरणास्पद शब्द आपको इतना आत्मबल, हौंसला और कुछ कर गुजरने का जुनून दे देते हैं कि फिर कोई परिस्थिति आपको नहीं रोक सकती और अंततः सफलता आपके कदम चूमती हैं।

           दोस्तों ! मैं डॉ के.के.शर्मा , आपमें से काफी लोगों ने वर्षों तक मेरे प्रेरणास्पद लेखों को प्रतियोगिता दर्पण हिंदी , प्रतियोगिता दर्पण इंग्लिश में पढ़ा होगा। जो भारत सरकार के रोज़गार समाचार से और Employment News से जुड़े रहें हैं , वे लंबे समय तक मेरे विभिन्न कैरियर लेखों से रूबरू हुए होंगे । आपको शायद कुछ याद आ जाए कि वर्षों तक सक्सेस प्लानर का नाम विभिन्न कैरियर मैग्जीन के कवर पेज पर छाया रहता था, अगर ईमानदारी की बात करें तो उसको मैंने ही ईजाद किया था। टाटा मैकग्राहिल्स, Access publishing House, Pearson , अरिहंत , उपकार प्रकाशन समूह की विभिन्न बेस्ट्सेलर बुक्स के प्रभावी लेखक के रूप में युवाओं को उनके सपनों को दिशा देने में मैंने अपना सर्वस्व लगाया है , और इसी का परिणाम है कि इतने वर्षों के बाद भी युवा अभ्यर्थियों की आत्मीयता ने मुझे उनसे जोड़े रखा है। यह ब्लॉग उन हजारों – लाखों युवाओं की भावना है , जो फिर से मुखरित हुई है। लंबे अनुभव और हजारों लोगों को इन शब्दों से प्रेरित और प्रोत्साहित करने में सफल रहने के बाद मैं आपको विश्वास दिला सकता हूँ कि मेरे शब्द, मेरा विश्वास, मेरा ज्ञान, मेरी भावना और मेरी ईमानदारी से परिपूर्ण मेरा मार्गदर्शन निश्चित रूप से आपको सफलता के सबसे ऊपरी पायदान पर स्थापित कर सकता है, बशर्ते आपमें अपना सर्वस्व लगा देना का माद्दा हो और एक उद्देश्य के प्रति दृढ़ता हो – फिर आपको अपने सपने सच करने से कोई नहीं रोक सकता ।

मैं हर पहलू पर आपका मार्गदर्शन के लिए अनवरत इस ब्लॉग  के जरिये एवं अन्य माध्यमों से जुड़ा रहूँगा लेकिन फिर भी आप किसी भी जिज्ञासा, मार्गदर्शन और समस्या के लिए मुझसे careerscompetition@gmail.com  पर अपना सवाल पूछकर समाधान पा सकते हैं।

सफलता का पहला मंत्र – एक उद्देश्य

सफलता पाने से पहले यह निश्चय करना सबसे जरूरी होता है कि आप आखिर किसमें सफलता पाना चाहते हैं ? आप सोचकर देखिये कि जब तक आप यह निश्चित नहीं कर पाओगे कि आपको किस स्थल की यात्रा करनी है तो क्या आप अपनी यात्रा पूरी कर पाओगे ? पूरी करना तो दूर आप अपनी शुरुआत की तैयारी भी नहीं कर पाओगे। इसलिए सबसे पहले आप दृढ़ता से सोचिए कि आप जीवन में क्या बनना चाहते हैं ? आपको किस क्षेत्र में जाना है और क्यों जाना है ? यदि आपको अपने प्रश्नों का उत्तर मिल जाता है, तो आप अपना एक उद्देश्य निर्धारित कीजिये और उस पर तब तक कायम रहिए जब तक कि सफलता नहीं मिल जाए । बार –बार उदेश्य बदलते रहने वालों को जीवन में मुश्किल से ही कुछ हासिल होता है – इसलिए एक उद्देश्य का निर्धारण सफलता की पहली शर्त होती है।

उद्देश्य पूरा होने तक अपना सब कुछ लगाएँ

किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त करने के लिए सबसे पहले ईमानदारी से एक उद्देश्य का निर्धारण कर उसके पूरा होने तक अपना सब कुछ लगा देना –सफलता की सबसे महत्त्वपूर्ण कड़ी होती है। कई अभ्यर्थी सोचते हैं कि उद्देश्य जैसा कुछ नहीं होता है, लेकिन सच यह है कि उद्देश्य निर्धारण से हमेशा सफलता मिलती है जबकि उद्देश्य विहीन कभी –कभी ही सफल हो पाते हैं। विश्वास कीजिये उद्देश्य निर्धारण कभी व्यर्थ नहीं जाता। उद्देश्य निर्धारण करने से पहले आप सोचिए, कल्पना कीजिये कि एक दिन जब आप सफल होंगे तो आपके परिजनों, आपके दोस्तों, आपके हितैषियों को कितनी खुशी महसूस होगी , आपका जब सपना सच होगा तो हर जगह आप ही आप होंगे। आपकी यह कल्पना आपको हौंसला देगी, कुछ करने की प्रेरणा देगी और सफल होने के लिए आगे बढ़ने की राह देगी। पर यह सिर्फ कल्पना ही बनकर नहीं रह जाए –यह भी ध्यान रखना है। हमेशा याद रखना है-बिना परिश्रम कुछ नहीं मिलता और जितना बड़ा उद्देश्य -उतना ज्यादा कठोर परिश्रम सफलता के लिए सबसे ज्यादा जरूरी होता है ।

            उद्देश्य निर्धारण के बाद आप दृढ़ निश्चय कर लीजिये कि जैसे भी हो,आपको अपने उद्देश्य में अवश्यमेव सफलता प्राप्त करनी है । आपके इरादों में दृढ़ता है,तो पक्का मान लीजिये हर परेशानी, हर समस्या, हर कमी और कमजोरी आपके रास्ते से हमेशा के लिए किनारा कर लेगी और आपके इरादों में दृढ़ता नहीं है, तो फिर ना जाने कितने बहाने आएंगे, कितनी बाधाएँ आएंगी । अब यह तय आपको करना है कि आप सही मायने में सफलता चाहते हैं या ज़िंदगी में सिर्फ बहानों से आप काम चला लोगे । स्वामी विवेकानंद के इन शब्दों को आत्मसात करने की कोशिश तो कीजिये, फिर देखिये सफलता कैसे आपके कदम चूमती है –

“उतिष्ठत ! जाग्रत !! प्राप्य बरान्निबोधत !!

“उठो, जागो और तब तक मत रुको जब तक कि उद्देश्य प्राप्त हो जाए ।“

                                                              _स्वामी विवेकानंद 

आपका जो भी उद्देश्य है, उसके पूरा होने तक एक अच्छी रणनीति के साथ अपना सर्वस्व लगा दो, निश्चित मानिए सफलता आपके कदमों में होगी। किसी भी परेशानी, परिस्थिति, अभाव या समस्या से बिलकुल भी मत घबराइए, ये हम सबके जीवन का हिस्सा है और परिस्थितियों में आगे बढ़कर सफलता पाने का आनंद ही कुछ और है। जब भी आपको अपने हालात मजबूर करने लगे तो ये पंक्तियाँ आपको निश्चित रूप से मजबूती देंगी –

“ आदमी वो नहीं, हालात बदल दे जिनको,

आदमी वो हैं,जो हालात बदल देते हैं ।”

कभी मत भूलिए –असफलता भी सफलता का ही एक हिस्सा है ।

आप शब्द ‘असफलता’ को देखिये, उसमें भी सफलता है। उसमें सिर्फ एक अक्षर ‘अ’ नकारात्मक है, जबकि चार अक्षर स, फ , ल , ता – सकारात्मक है। आप अपना सोचने का नज़रिया बदलिए, बाकी सब बदल जाएगा। अगर हम इन असफलता के 5 अक्षरों को 100 प्रतिशत में बांटे तो प्रत्येक अक्षर की 20 प्रतिशत की भागीदारी होगी । तो आप खुद देख लीजिये –असफलता में 80 प्रतिशत “सफलता” है। इसका आशय यह हुआ कि आपको अपने प्रयासों में 20 प्रतिशत और अधिक गंभीरता की आवश्यकता है ।

                आप एक उच्च शिक्षित युवा है एवं  एक प्रतियोगी भी हैं – ऐसे में आपकी सोच आशावादी एवं व्यावहारिक होनी ही चाहिए । आपको समझ लेना चाहिए कि जब हम प्रयास करते हैं, तभी गलती होती है, अन्यथा जो कुछ करते ही नहीं उनसे क्या गलती होगी ? इसी तरह सफलता –असफलता पर भी यही बात लागू होती है । जो कोशिश ही नहीं करते,  वो भला क्या असफल होंगे – तो विश्वास कीजिये हमेशा असफलता बड़ी सफलता की जन्मदात्री होती है । इस वाक्य की पुष्टि के लिए आप इतिहास खंगाल कर देख लीजिये –आपको हजारों उदाहरण मिल जाएंगे ।

      कहने का तात्पर्य यह है कि कठोर परिश्रम करने के बाद भी कुछ छोटी खामी के कारण यदि दुर्भाग्यवश आप असफल हो भी गए, तो आप बिलकुल भी विचलित मत होइए –

“असफलता एक चुनौती है, उसे स्वीकार करो तुम ।

क्या कमी रह गयी देखो और सुधार करो तुम ॥

कुछ किए बिना जय साकार नहीं होती ।

कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती ।”

आप असफलता को एक चुनौती के रूप में लीजिये। प्रयासों में कहाँ कमी रही- इसका विश्लेषण कीजिये और उन कमियों को दूर कर  दुगुने जोश एवं उत्साह के साथ फिर से जुट जाइए अपने सपनों को सच करने में – विश्वास कीजिये आपकी यह सफलता अभूतपूर्व और अद्वितीय सफलता होगी । यह सुनिश्चित कर लीजिये कि विश्व का कोई भी कारण-कारक आपको सफल होने से नहीं रोक सकता क्योंकि आप सोचते हैं कि “आप जीत सकते हैं , तो आप जीत ही जाएंगे” और सच तो यह है –

“ बाधाएँ कब कहाँ बांध सकी है, आगे बढ़ने वालों को ।

विपदाएं कब रोक सकी है, मरकर जीने वालों को ॥

व्यवस्थित दिनचर्या बनाएँ ………आसानी से सफलता पाएँ

दिनचर्या का हमारी जिंदगी में अत्यधिक महत्त्वपूर्ण स्थान है। आपकी हर छोटी –बड़ी सफलता में दिनचर्या की अहम भूमिका रहती है । अव्यवस्थित दिनचर्या सफलता को मुश्किल एवं सुव्यवस्थित दिनचर्या सफलता को सहज एवं आसान बना देती है । मोटे तौर पर आप गौर करें क्या आप कभी भी पढ़ लिए , कभी नहीं पढ़ पाए –ऐसा करके क्या आप सोचते हैं कि आपको सफलता मिल जाएगी ? शायद कभी नहीं । यदि आप अपनी सफलता को सहज बनाना एवं सुनिश्चित करना चाहते हैं तो अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित कीजिये। यदि आपके लिए किसी कारणवश यह नियमित तौर पर संभव नहीं है, तो जिस प्रतियोगिता परीक्षा में आप शामिल हो रहे हैं और जिस तरह का उसका स्तर है उसके अनुरूप तैयारी प्रारम्भ करने के महीनों के दौरान अपने समय का प्रबंधन करें एवं दिनचर्या को व्यवस्थित बनाएँ । यह क्रम आप जब तक जारी रखें तब तक कि आपकी प्रतियोगिता परीक्षा पूरी ना हो जाए ।

 व्यवस्थित दिनचर्या के लिए आप सुबह जल्दी उठने पर और रात्रि में सही समय पर सोने को अमल में लाएँ । इससे आपका स्वास्थ्य भी ठीक रहेगा, पढ़ने का समय भी ज्यादा मिलेगा और पढ़ी हुई विषयवस्तु को आप सहजता से तैयार भी कर पाओगे । कुछ लोगों को एक साथ रात में देर तक पढ़ने की आदत होती है लेकिन उनको इसका उतना फायदा नहीं मिल पाता है। यदि आप  स्वाध्याय (self-study) एक साथ कई घंटों तक लगातार करने के बजाय ब्रेक देकर करते हैं और समय को सुबह, शाम और रात्रि के घंटों में वर्गीकृत करते हैं – तो सच मानिए आप कम समय में ज्यादा तैयार कर पाएंगे । आप अपना रोजाना का व्यवस्थित टाइम टेबल बनाइये, अपनी तैयारी के पाठ्यक्रम को रोजाना क्या पढ़ना है –इसके हिसाब से बाँटिए और नियमित तौर पर कड़ाई से इसका अनुसरण कीजिये –निश्चित मानिए इसके सकारात्मक परिणाम आपको मिलकर रहेंगे ।

 सुनियोजित रणनीति से ही सफलता संभव है ।

आपका उद्देश्य चाहे क्लर्क बनने का हो या प्रशासनिक अधिकारी बनने का, आप चाहे स्टेनोग्राफर की परीक्षा के अभ्यर्थी हो या सिविल सर्विसेज के या फिर किसी प्रवेश परीक्षा में आप बैठ रहे हों–सुनियोजित रणनीति के बिना किसी भी परीक्षा में सफलता प्राप्त करना आसान नहीं हैं। आपने सैंकड़ों बार देखा होगा कि कुछ लोग 20-20 घंटे तक और वर्षों तक लगे रहने के बाद भी सफल नहीं हो पाते। इसका एकमात्र कारण है कि वे सुनियोजित रणनीति बनाए वगैर ही अपनी तैयारी करते हैं । जबकि आप समझ सकते हैं कि “ बिना निशाना तीर मारने का परिणाम तो यही होना है ।” फिर ऐसे लोग भावुक होकर किस्मत को कोसते हुए हताश हो जाते हैं। आप पहले ही समझदार बनिए ताकि फिर आगे आपको हताश नहीं होना पड़े।

   “ A man who does not think and plan long ahead, will find trouble right at his door.’’

“ जो मनुष्य काफी पहले नहीं सोचता नहीं है और योजना नहीं बनाता है, वह अपने दरवाजे पर ही मुसीबतों से भेंट करता है ।”

                                                                    – कन्फ़्यूशियस(Confucius)

और भी आपने सुना ही होगा – “Well begun is half done”  यानि आपकी अच्छी शुरुआत का मतलब है आपका आधा काम खत्म हो गया । आपकी सुनियोजित रणनीति आपकी सफलता को काफी हद तक सहज और सुनिश्चित बना देती है । आपकी रणनीति में आप निम्नलिखित बिन्दुओं को शामिल कीजिये –

  • आप जिस प्रतियोगिता परीक्षा में बैठने जा रहे हैं- उसका अपडेटेड सिलेबस, पिछले 5 से 10 वर्षों के प्रश्न पत्र एकजुट कीजिये ।
  • सम्बन्धित  प्रतियोगिता परीक्षा के सिलेबस के सभी टॉपिक्स का नंबर के हिसाब से विश्लेषण कीजिये।
  • पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के आधार पर सिलेबस के सभी टॉपिक्स का विश्लेषण कीजिये और लगभग हर वर्ष पूछे जाने वाले प्रश्नों के आधार पर ज्यादा से कम अंकों के क्रम में  सिलेबस के सभी टॉपिक्स की एक सूची बनाइये।
  • उक्त आधार पर सभी टॉपिक्स की प्रामाणिक अध्ययन सामग्री जुटाइए। मेरी सलाह है कि आप किसी गाइडस या कोचिंग क्लासेज के पूरी तरह भरोसे रहने के बजाए GK के लिए विभिन्न टॉपिक्स पर Ncert books और करेंट अफेयर्स पर The hindu  की न्यूज़ डायरी का अनुसरण करना चाहिए। बहुत जल्दी ही हम आपको बेहद प्रामाणिक सामग्री इस ब्लॉग पर उपलब्ध कराएंगे – उसकी महत्ता आपके एक दिन अवश्य ही समझ आ जाएगी ।
  • अब आप आपके पास तैयारी के लिए उपलब्ध समय में से ज्यादा अंकों के टॉपिक्स के लिए अधिक घंटे और कम अंकों के टॉपिक्स के लिए कम घंटे के हिसाब से अपना टाइम टेबल बनाइये और नियमित तौर पर हर हालत में उसके अनुसार तैयारी कीजिये ।
  • हर सप्ताह में एक दिन खुद अपना प्रश्न बैंक पुराने प्रश्न पत्रों के आधार पर तैयार कर अपना मूल्यांकन कीजिये और सप्ताह का एक दिन 5 दिनों में तैयार किए गए टॉपिक्स में से आपके सबसे कमजोर लेकिन सबसे अधिक अंकों के टॉपिक्स को तैयार करने के लिए दीजिये ।
  • उक्त प्रक्रिया को आपकी प्रतियोगिता परीक्षा आयोजित होने तक गंभीरता से जारी रखिए ।

आप विश्वास कीजिये आपकी यह सुनियोजित रणनीति आपके जीवन में वह दिन अवश्य लाएगी जबकि आपको अपनी सफलता पर गर्व होगा।  इस दौरान आप खुद पर भरोसा रखिए, ईश्वर पर आस्था रखिए और अपने बड़ों, हितैषियों और मित्रों के प्रति सद्भावनाएं रखिए – निश्चित रूप से उनकी दुआएं आपको सफलता के लिए संबल और हौंसला देगी । एक बात हमेशा याद रखिएगा – कहने की बात अलग है पर आपको सफलता आपके सिवाय कोई नहीं दे सकता । आपका परिश्रम, आपका स्वाध्याय , आपकी रणनीति और आपका हौंसला ही है – जो आपके सपनों को पूरा करेगा । इन सबके लिए हम आपको प्रेरित कर सकें तो हमारे लिए भी यह बहुत बड़ी गर्व की बात होंगी ।

2 Comments

  1. Pradyuman Singh Naruka says:

    अति सुंदर एवं प्रेरणादायक लेख

    • career20 says:

      आपके इस कमेंट के लिए सादर धन्यवाद। यह शुरुआत भर है । युवाओं के स्वर्णिम भविष्य के लिए इस ब्लॉग पर प्रेरणादायी, कॅरियर -ओरिएंटेड़ लेख एवं 100 प्रतिशत सफलता के लिए प्रतियोगिता परीक्षाओं में पूछी जाने वाली सार गर्भित करेंट अफेयर्स एवं सामान्य ज्ञान से भरपूर अध्ययन सामग्री लगातार हम प्रकाशित करते रहेंगे। आप लगातार इसका अवलोकन कर अपने आपको अपडेट करते रहें । मेरा दावा है, कोई भी ब्लॉग, कोई भी एप्प या कोई भी वैबसाइट इस तरह की मौलिक एवं भविष्य बदलने वाला कंटेंट्स कभी नहीं उपलब्ध करवा पाएगा । स्वर्णिम भविष्य के लिए हमेशा पढ़ते रहिए -careerscompetition.com

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